World Population Day । विश्व जनसंख्या दिवस । कब, क्यों और कैसे मनायें ?



जय हिन्द... दोस्तो ! 
        सार-संग्रह में आज हम बात करेगें विश्व जनसंख्या दिवस के बारें में यह कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है । दोस्तो जैसा की आप सभी जानते है कि विश्व जनसंख्या दिवस हर वर्ष 11 जुलाई को मनाया जाता है इसका मूल उद्देश्य सभी को जनसंख्या सम्बंधित समस्याओं से अवगत करना व उन्हें इस विषय के प्रति जागृत करना है । 
       परन्तु आज हम समझेगें कि इस दिवस को कैसे मनाया जाए ? और बात करगें बढती हुई जनसंख्या के बारे में ... बढती हुई जनसंख्या पूरे विश्व के लिए गंभीर मुद्दा है परन्तु भारत के लिए तो यह एक चिंता का विषय बन गया है । 
        भारत विकास के इस दौर में आगे तो निकलना चाहता है परन्तु सफलता सिर्फ बडी आबादी से नहीं बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि मनुष्य, प्रकृति के साथ अपना ताल-मेल बरकरार रखे । वैसे तो दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश "चीन" है, परन्तु इसका कतई ये मतबल नहीं कि भारत की जनसंख्या सही है । विश्व में 7 महाद्वीप और 200 से ज्यादा देश है । और इन सबमें जनसंख्या के नजर से भारत दूसरे स्थान पर आता है । और भारत की ये स्थिति विकास के मार्ग में बाधा बनकर खडी है । 

कब ? 

        संयुक्त राष्ट्र ने 11 जुलाई 1989 को पहली बार विश्व जनसंख्या दिवस मनाने की शुरूआत की थी । और उसके बाद से यह हर साल मनाया जाता है । 

क्यों ? 

        इसके पिछे का कारण यह है कि एक सर्वे के अनुसार 1987 तक  विश्व की कुल जनसंख्या 5 अरब से भी ज्यादा हो गयी थी । इसी विषय को ध्यान में रखते हुए लोगो को बढती हुई जनसंख्या के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यूनाइटेड नेशन ने इसे वैश्विक स्तर पर मनाने का निर्णय लिया था । 

कैसे मनायें ? 

        तो दोस्तो आप सभी जानते ये कोई त्योहार नहीं है, परन्तु फिर भी इस मनाया जाना बेहद जरूरी है । क्यों कि अगर इसे अभी नियंत्रित नहीं किया गया तो भविष्य में यह बहुत ही विकराल और भयावह स्थिति हो सकती है । इसे मनाने के लिए आप अपने मित्रों, सगे-संबंधियों व परिवार वालों से बात करें व उन्हें इस बात से अवगत करायें कि जनसंख्या नियंत्रण आज देश के विकास में बाधा बने हुए है । जहाँ एक ओर आप अपने दैनिक जीवन में व्यस्त है, वहीं दूसरी ओर ऐसे भी लोग है जो जीवन की बुनियादी जरूरतों से वंचित रहते हुए पूरा जीवन गरीबी में बीता रहे है । इसका कारण सिर्फ और सिर्फ बेलगाम भारत की बढती हुई जनसंख्या ही है । तो आप ही बताइए इसका जिम्मेदार कौन है ? 

इस तरह मनाये विश्व जनसंख्या दिवस को 

  • जगह-जगह पर लोगों को अवेयर करें और परिवार नियोजन के मुद्दे पर बातचीत करें । 
  • पोस्टर बनाकर और निबंध प्रतियोगिताओं में भाग लेकर लोगों को जागरूक करें । 
  • लोगों को विभिन्न प्रकार के गर्भनिरोधक के बारे में जानकारी प्रदान करें, ताकि वे इन उपायो को अपना सकें । 
  • तरह-तरह के स्लोगन बना कर लोगों को शेयर करें जैसे कि .... 
जनसंख्या पर रोक लगाओ । 
विकास की धार बढाओ । 

जनमानस को सही इलाज न मिल पाने पर होता है हाहाकार । 
पर तीव्र गति से बढता ये जनमानस, है इसके लिए जिम्मेदार ।।

       अगर ह्यूमन रिसोर्स के नजर से देखा जाए तो पॉपुलेशन एक अच्छी खबर हो सकती है परन्तु लगातार व अनियंत्रित जनसंख्या परेशानी का सबब बन गया है । जिसके फलस्वरूप अशिक्षा, बेरोजगारी, भुखमरी, बढती हुई गरीबी देश के चारों ओर फैल रही है । ऐसा बिलकुल नहीं है कि इस समस्या का कोई समाधान नहीं है लेकिन आम लोगों में इस विषय के प्रति जागरूकता की कमी ही इस समस्या को लगातार बढा रही है । शायद यही वजह रही होगी कि युनाइटेड नेशन ने विश्व जनसंख्या दिवस (world Population day) को विश्व स्तर पर मनाने का निर्णय लिया । 

    इस विषय पर डॉ. हेनरी डब्ल्यू केंडल (नोबल पुरस्कार विजेता) का कहना है कि "अगर हम बढती हुई आबादी को न्यायसंगत तरीके और नरम रवैए से नहीं रोक पाये तो खुद प्रकृति पूरी निर्दयता के साथ हमारे लिए ऐसा करेगी और एक बर्बाद दुनिया ही रह जाएगी ।" 

        

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