लिखना है तो लिखो..... उस कुतिया की आँखों के बारे में जिसके पिल्ले का धड़ सड़क से गुजर रहे टायरों में थोड़ा-थोड़ा चिपक-चिपक कर साफ हो रहा है ।
लिखो उस शर्मिंदा हिजड़े के नाक के पसीने के बारे में, जो सब कुछ होना चाहता है सिवाय एक हिजड़े के ।
तुम लिख सकते हो उस जवान की कंपकंपाहट, जो ब्लेड लिए नस काटने के नफे नुकसान को तौल रहा है ।
कभी लिखकर देखो उस चिड़िया के फड़-फड़ाते परों के बारे में, जो एक चील को अपने सामने से अपना बच्चा दबोचते हुए देख रही है ।
या लिखो उस मुर्गे के कानों के बारे में, जो ध्यान से सुन रहे हैं दो ग्राहकों की झटके और हलाल की डिबेट ।
तुम लिखो एक झोपड़ी में रात भर चली फुसफुसाती अन्ताक्षरी को, जो टूटी छत से पानी टपकने की वजह से हो रही है ।
किसी दिन उतार दो पन्ने पर उस विकलांग की शर्म, जिसने बाथरूम पहुँचत - पहुँचते फर्श पर ही टट्टी कर दी है ।
तुम लिख कर देखो उस बाँझ के आँख की चमक, जिसे वाश-बेसिन में पड़ी उलटी में एक उम्मीद की रंगोली दिख रही है ।
चाहो तो उस ट्यूब-बेल की मोटी धार के बारे में लिख सकते हो, जो कुछ नंग बच्चों के पिछवाड़े को चूम कर धान को सुनहरा बना रहे है ।
लिखो शहर की सबसे उंची बिल्डिंग की रेलिंग पर खड़े एक हारे नौजवान की उड़ान, जो वो बस लेने वाला है ।
तुम लिखो आसमान में बिन-मौसम काले बादल देखते हुए एक किसान की बेबसी और वहीं थोड़ी दूर पर खेत में मिल रहे एक नए जोड़े के चेहरे की बूँदे ।
या लिखो शमशान में एक कंधे पर गोल घूम रहे घड़े के छेद से गिरते पानी की छींटें जो सामने पड़ी आग में किसी को जगाने की कोशिश कर रही है ।
लिखो सब कुछ जो लिखना है मगर एक पतिविहिन औरत की दास्तान भी लिखो, जिसके सारे सपने एक पल में धाराशाही हुए होंगे, जब उसकी चूड़ियाँ तोड़ी गई होगीं, मांग का सिन्दूर मिटाया गया होगा.....
लिख सकते हो तो लिखो उस बच्चे के भरोसे के बारे में जो छत से गोल-गोल घूम कर बस कूदने वाला है कि शक्तिमान आएगा ।
और लिखो उन दोस्तों की ठिठोली के बारे में भी जिन्हें लग रहा है कि ये सिर्फ मजाक है ।
लिखो दूर पहाड़ से बड़े शहर आई अकेली उस बुढिया के बारे में, जिसे अस्पताल में अकेले इलाज कराना, एक पूरा जंगल काटने से ज्यादा कठिन लग रहा है ।
लिखो उस भिखारी की फैली पुतलियों और अचानक उठे दर्द के बारे में जो सामने से आती एक बड़ी गाड़ी को देखकर बढ़ गया है ।
लिखो उस रिश्तेदार के भेड़िये जैसे दांतों के बारे में जो एक लड़की को कमरे में अकेले सोते हुए देखकर लार चुवा रहे है ।
लिखो किसी गार्ड की बोरियत का बहीखाता जिसमें सुबह से एक हजार कार और दो हजार मोटरसाइकिल का डेबिट क्रेडिट हो चूका है ।
लिखो कुछ ऐसा जिस पर किसी का ध्यान नहीं गया... लिखो क्यूंकि तुम्हारे पास बहुत सी कहानियाँ है आत्मा के हिडन फोल्डर में ।
लिखो, जिसको पढकर कोई वाह-वाह ना करें... लिखो कि तुम्हारे लिखे का चर्चा न हो, लिखो बस कि अभी बहुत कुछ लिखना है तुम्हें ।
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